LIVE UPDATE
झमाझम खबरें

ऑपरेशन तलाश : छत्तीसगढ़ पुलिस ने 4 हजार से ज्यादा बिछड़े लोगों को परिवारों से मिलाया

ऑपरेशन तलाश : छत्तीसगढ़ पुलिस ने 4 हजार से ज्यादा बिछड़े लोगों को परिवारों से मिलाया

संवेदनशील पुलिसिंग की मिसाल

ये खबर भी पढ़ें…
क्या शिक्षा विभाग में ‘रिश्वत दो और काम करवाओ’ का सिस्टम? — महिला शिक्षिका की शिकायत ने खोली अंदरूनी व्यवस्था की पोल
क्या शिक्षा विभाग में ‘रिश्वत दो और काम करवाओ’ का सिस्टम? — महिला शिक्षिका की शिकायत ने खोली अंदरूनी व्यवस्था की पोल
May 8, 2026
“पैसे दो वरना परेशान हो जाओगे…” गौरेला शिक्षा विभाग में रिश्वतखोरी का बड़ा आरोप, एरियर्स के लिए शिक्षिका से 5...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

पांच वर्षों में 87 हजार से अधिक गुम इंसानों की हुई बरामदगी

रायपुर 8 मई 2026/ छत्तीसगढ़ में गुमशुदा लोगों की तलाश अब केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि संवेदनशील पुलिसिंग और मानवीय जिम्मेदारी की मजबूत पहल बन गयी है। राज्य में वर्ष 2021 से अप्रैल 2026 तक कुल 1 लाख 3 हजार 766 गुम इंसानों की रिपोर्ट दर्ज हुई, जिनमें से 87 हजार 35 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर उनके परिवारों तक पहुंचाया है। 

ये खबर भी पढ़ें…
फर्जी भुगतान, संदिग्ध ट्रांसफर और करोड़ों का खेल! पंचायत विभाग में मचा प्रशासनिक भूचाल”
फर्जी भुगतान, संदिग्ध ट्रांसफर और करोड़ों का खेल! पंचायत विभाग में मचा प्रशासनिक भूचाल”
May 8, 2026
“फर्जी भुगतान, संदिग्ध ट्रांसफर और करोड़ों का खेल! पंचायत विभाग में मचा प्रशासनिक भूचाल” गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। जिले में नवपदस्थ कलेक्टर डॉ....
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुलिस महकमे के आला अधिकारियों को राज्य में गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए प्रभावी अभियान संचालित करने के निर्देश दिए थे। छत्तीसगढ़ में पुलिस प्रशासन द्वारा संचालित ऑपरेशन तलाश और ऑपरेशन मुस्कान के जरिए बरामद लोगों में 2 हजार 785 बालक, 16 हजार 472 बालिकाएं, 18 हजार 671 पुरुष और 49 हजार 107 महिलाएं शामिल हैं। इन आंकड़ों ने यह साबित किया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस लगातार संवेदनशीलता और तकनीकी दक्षता के साथ गुमशुदा लोगों की तलाश में सक्रिय है।

राजधानी रायपुर सहित अविभाजित जिले में भी पुलिस की सक्रियता प्रभावी रही। यहां गुम नाबालिगों, महिलाओं और पुरुषों से संबंधित 15 हजार 632 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 12 हजार 456 लोगों को खोज निकाला गया। लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है और जिला स्तर पर विशेष टीमों की तैनाती के साथ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।

ये खबर भी पढ़ें…
खलनायक बना नायक? अवैध रेत खनन की शिकायत करने वाले ‘गुरुजी’ खुद आरोपों के घेरे में
खलनायक बना नायक? अवैध रेत खनन की शिकायत करने वाले ‘गुरुजी’ खुद आरोपों के घेरे में
May 9, 2026
जीशान अंसारी की रिपोर्ट, बिलासपुर। कोटा विकासखंड के ग्राम पंचायत मोहली (आश्रित ग्राम लठौरी) से एक ऐसा मामला सामने आया...
Plugin developed by ProSEOBlogger. Get free gpl themes.

महत्वपूर्ण बात यह रही कि इन मामलों में अब तक मानव तस्करी जैसे किसी बड़े संगठित अपराध की जानकारी सामने नहीं आई है। बरामद लोगों ने अपने कथनों में बताया कि अधिकांश लोग प्रेम संबंध, रोजगार की तलाश, परिजनों की डांट या घूमने जाने जैसी वजहों से घर छोड़कर चले गए थे। इनमें से कई लोग बाद में स्वयं भी वापस लौट आए।

अप्रैल में चला ऑपरेशन तलाश 4056 लोगों की हुई बरामदगी

गुमशुदा लोगों की तलाश को तेज गति देने के लिए अप्रैल 2026 में राज्यभर में “ऑपरेशन तलाश” अभियान चलाया गया। इस अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस को उल्लेखनीय सफलता मिली और केवल एक माह में 4 हजार 56 गुमशुदा लोगों को खोज निकाला गया। इनमें 545 बच्चे तथा 3511 महिला और पुरुष शामिल रहे। बरामद लोगों में 75 बालक, 470 बालिकाएं, 972 पुरुष और 2539 महिलाएं शामिल हैं। सभी को विधिवत उनके परिवारों से मिलाया गया

अभियान के दौरान पुलिस ने अंतर्राज्यीय समन्वय का भी प्रभावी उपयोग किया। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, झारखंड, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों से 182 गुमशुदा लोगों को खोजकर वापस लाया गया। इनमें 3 बालक, 63 बालिकाएं, 13 पुरुष और 103 महिलाएं शामिल हैं।

जिलों की सक्रिय भूमिका से मिली बड़ी सफलता

ऑपरेशन तलाश में जिला पुलिस इकाइयों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण रही। बरामदगी के मामले में दुर्ग जिला सबसे आगे रहा, जहां 683 लोगों की पतासाजी की गई। इसके बाद बिलासपुर में 648, रायपुर में 426, राजनांदगांव में 280, रायगढ़ में 251 और महासमुंद में 183 गुम इंसानों को खोजा गया।

इसी तरह बलौदाबाजार में 136, जांजगीर-चांपा में 134, सरगुजा में 114 और बालोद जिले में 106 लोगों को बरामद कर अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।

अभिव्यक्ति अभियान से बढ़ रही जागरूकता

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर राज्य में “अभिव्यक्ति” जागरूकता अभियान भी लगातार चलाया जा रहा है। इसके तहत स्कूल, कॉलेज, छात्रावासों और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में पुलिस टीमें पहुंचकर लोगों को मानव तस्करी, साइबर अपराध, पॉक्सो एक्ट, नए कानूनों और आत्मरक्षा के बारे में जानकारी दे रही हैं।

इसके साथ ही गुम बच्चों की खोज के लिए “ऑपरेशन मुस्कान” और गुम इंसानों की तलाश के लिए “ऑपरेशन तलाश” जैसे अभियान समय-समय पर संचालित किए जा रहे हैं। पुलिस तकनीकी संसाधनों, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और ईश्तहारों के माध्यम से भी लगातार निगरानी और खोजबीन कर रही है।

हर बरामद व्यक्ति किसी परिवार की खुशी

छत्तीसगढ़ पुलिस का मानना है कि हर गुमशुदा बच्चे, महिला या व्यक्ति की बरामदगी किसी परिवार की चिंता और पीड़ा का अंत होती है। यही कारण है कि पुलिस इसे केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवीय दायित्व मानकर काम कर रही है।

संवेदनशील पुलिसिंग, तकनीकी सहयोग, मजबूत सूचना तंत्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के चलते हजारों परिवारों के चेहरे पर फिर मुस्कान लौट सकी है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी व्यक्ति, खासकर नाबालिग, महिला या बुजुर्ग के गुम होने की सूचना तुरंत नजदीकी थाना, डायल 112 या पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय रहते उनकी सुरक्षित तलाश सुनिश्चित की जा सके।

Back to top button
error: Content is protected !!